राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के 58वें स्थापना दिवस के अवसर पर ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ एवं ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर में विश्वविद्यालय स्तरीय सांस्कृतिक गतिविधि एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय कार्यसमिति सदस्य श्री चंद्रशेखर पटेल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में डॉ. विवेक मिश्रा, डॉ. सुशील कुमार दुबे, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शोभाराम मेहरा, जिला संगठन जबलपुर के डॉ. आनंद सिंह राणा, जिला संगठक कटनी डॉ. रुक्मणी प्रताप सिंह सहित 9 जिलों के जिला संगठक, कार्यक्रम अधिकारी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानसमारोह में वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कटनी जिला संगठक डॉ. रुक्मणी प्रताप सिंह को राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।कटनी जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. माधुरी गर्ग, डॉ. अभिलाषा चौरसिया, डॉ. कृष्ण कुमार नागवंशी, डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. रीना मिश्रा एवं डॉ. प्रतिमा सिंह को भी प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
यंग लीडर डायलॉग में उत्कृष्ट प्रदर्शनविकसित भारत यंग लीडर डायलॉग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्यक्रम अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों को भी सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. माधुरी गर्ग, डॉ. रुक्मणी प्रताप सिंह, डॉ. अब्दुल बारी, डॉ. शिल्पी कुमारी सिंह, डॉ. कृष्ण कुमार नागवंशी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवक कुमारी प्रिया साहू शामिल रहीं।
इसी क्रम में वर्ष 2025-26 में सेवा कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले स्वयंसेवकों भारती बर्मन, सोनल, प्रिया चौधरी, तनीषा सोनखरे, भूमि बैरागी, दिशा सिंह, प्रिया साहू, संदीप कुमार साहू एवं लाल भैया लोनी को भी प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना की सामाजिक सहभागिता, सेवा भावना एवं युवा शक्ति की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
वक्ताओं ने कहा कि एनएसएस युवाओं को समाजसेवा से जोड़ने के साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। समारोह का उद्देश्य समाजहित में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कार्यक्रम अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित करना और उनके योगदान को विश्वविद्यालय स्तर पर सम्मानित करना रहा।
