संक्षेप

शॉर्ट्स

प्रदेश01 / 04
संध्या छाया लोकार्पण मंच पर मुख्यमंत्री

संध्या छाया: 34 कमरे, 56 सीट, सेवा भारती दो वर्ष

24 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड नंबर 3 पर संध्या छाया का लोकार्पण किया। पीपीपी, सेवा भारती संचालन दो वर्ष, लगभग 24 करोड़, 34 कमरे, 56 वरिष्ठजन। उसी मंच पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन 54.52 लाख से अधिक हितग्राहियों को 327.15 करोड़ सिंगल क्लिक। अनुभव सशुल्क निवास और नि:शुल्क 83 आश्रम एक नहीं करता।

  • सशुल्क; कमरे के आकार पर 38,490 से 49,990 रुपये मासिक—23 जनवरी की फाइल।
  • प्रमुख सचिव: 24 करोड़, 34 कमरे, 56 सीट; सेवा भारती दो वर्ष।
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प्रदेश02 / 04
महू स्टेशन पर लाल रंग का YDM-4 डीजल इंजन और प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्री

पातालपानी घाट की 1:40 ढलान के अपने रेल नियम

पातालपानी से कालाकुंड की ओर 1:40 की नियंत्रक ढलान दर्ज है। पश्चिम रेलवे की पुस्तिका में इस रास्ते पर ब्रेक और कर्मचारियों की योग्यता के खास नियम हैं।

  • पुस्तिका में 6.03 किलोमीटर घाट खंड की नियंत्रक ढलान 1:40 दर्ज है।
  • मीटर-गेज संचालन के लिए पूरी तरह प्रभावी स्वचालित निर्वात ब्रेक का नियम है।
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प्रदेश03 / 04
ग्वालियर विमानतल पर आजीविका उत्पादों की डलिया भेंट

ट्रांजिट विजिट: ऑर्गेनिक पेंट, दीपक, शहद

27 सितंबर 2025 शाम, राजमाता विजयाराजे सिंधिया विमानतल महाराजपुरा। कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने आजीविका मिशन की दीदियों के ऑर्गेनिक पेंट, पवित्र दीपक व शहद सहित अन्य उत्पाद की डलिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेंट की। ट्रांजिट विजिट। विज्ञप्ति ऑर्गेनिक पेंट को विशेष बताती है—ग्राम करहिया स्व-सहायता समूह, गोबर सहित अन्य ऑर्गेनिक उत्पादों से। फूलबाग के सामने संभागीय ग्रामीण हाट के आजीविका फ्रेश मेले में भी प्रदर्शन लिखा गया। मधु शहद को मंच की एक वस्तु मानती है, मिशन घोषणा नहीं।

  • 27 सितंबर 2025, महाराजपुरा एयर टर्मिनल, ट्रांजिट।
  • डलिया में पेंट, दीपक, शहद; पेंट करहिया का विशेष वाक्य।
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प्रदेश04 / 04
भुट्टे के पीले दानों और रेशों की पास से ली गई तस्वीर

कद्दूकस से कड़ाही तक, भुट्टे का कीस

नाम में ही उसका तरीका छिपा है: कीसना यानी कद्दूकस करना। मकई, घी, दूध और मसाले मिलकर बनावट बदलते हैं; पुराने पर्यटन अभिलेख इसकी एक दुकान वाली भिन्नता भी बताते हैं।

  • कीस का मुख्य रूप कद्दूकस मकई को घी, दूध और मसालों में पकाने से बनता है।
  • केंद्र और राज्य के पर्यटन विवरण इस प्रक्रिया की पुष्टि करते हैं।
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