जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने जनपद पंचायत चितरंगी क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवरा का भ्रमण कर बैढ़न समूह-2 जल प्रदाय योजना के माध्यम से ग्रामीणों के घरों में उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता एवं जलापूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर श्री बैनल ने ग्रामीण सावित्री देवी के घर पहुंचकर नल के माध्यम से प्राप्त हो रहे पानी की स्थिति का जायजा लिया तथा ग्रामवासियों से सीधे संवाद कर योजना से मिल रहे पेयजल की उपलब्धता एवं गुणवत्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। ग्रामीणों ने योजना के माध्यम से घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। कलेक्टर ग्रामीणों को नल-जल योजना के माध्यम से प्राप्त होने वाले पेयजल के सदुपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत उपलब्ध कराया जा रहा जल स्वच्छ एवं पेयजल के रूप में उपयोग योग्य है। घर-घर नल के माध्यम से नियमित जल उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों को पेयजल के लिए होने वाली कठिनाइयों से राहत मिलेगी तथा गर्मी के मौसम में भी पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने ग्रामीणों से जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा निर्धारित जल शुल्क नियमित रूप से जमा करने का आग्रह किया, जिससे जल प्रदाय व्यवस्था सुचारू एवं निरंतर बनी रहे।
कलेक्टर ने जल निगम के महाप्रबंधक श्री पंकज वाधवानी को निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत घरों में उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल का नियमित रूप से परीक्षण कराया जाए। ग्राम पानी समितियों के माध्यम से बैठकें आयोजित कर ग्रामीणों को जल प्रदाय योजना की जानकारी दी जाए तथा पेयजल से संबंधित भ्रांतियों एवं मिथकों को दूर करने के लिए प्रभावी जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर पानी समितियों का पुनर्गठन कर आईईसी गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को पेयजल के सदुपयोग एवं निर्धारित शुल्क के नियमित भुगतान के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि ऐसे मजरों-टोलों का सर्वे कराया जाए, जो अभी तक जल प्रदाय योजना से शामिल नहीं हैं और पात्रता के अनुसार उन्हें भी योजना में शामिल किया जाए। उन्होंने बैढ़न समूह-2 जल प्रदाय योजना के शेष कार्यों को नवम्बर माह के अंत तक पूर्ण करने तथा प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही समय-समय पर जल की गुणवत्ता की जांच करते हुए सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध होता रहे। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संघप्रिय उपस्थित रहे।